सफर जारी है 35

#सफर_जारी_है 35

सुबह का मौसम। दिन में तापमान लगभग 41-42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है और रात में बहुत नीचे। भोर में इतनी ठंड होती है कि एक कंबल में भी सर्दी का अहसास होता है। इस रात की ठंडक का अहसास सुबह तक रहता है। ऐसा ही इस समय का मिजाज है। इस मौसम में यही पल सुकून देते हैं। बस पेट्रोल पंप से निकल चुकी है। बराबर की सीट पर एक महिला अपने बच्चे के साथ बैठी है। बच्चे ने अपनी मां के हाथ से मोबाइल ले लिया। अब अपनी मां से लॉक खोलकर देने की जिद कर रहा है। मां एक बार लॉक उसके सामने खोलकर बंद करते हुए बोली, "अब जैसे मैंने लॉक खोला उसी प्रकार अपने आप खोल लो।" आजकल लोग लॉक बड़े उटपटांग ढंग से लगाते हैं। एक व्यस्क भी एक बार देखने के बाद बड़ी मुश्किल से खोल पाता है। लेकिन बच्चा बिना सवाल जवाब किए अपनी कोशिश में लग गया। वह बार बार कोशिश कर रहा है लेकिन सही तरीके से नहीं लगने के कारण मोबाइल का लॉक खोल नहीं पा रहा है। एक विशेष बात देखने में आई कि वह हर बार नए तरीके से कोशिश कर रहा है। लगभग पंद्रह मिनट की मेहनत के बाद वह मोबाइल का लॉक खोलने में सफल हो गया। अब उसके चेहरे की खुशी देखने लायक है। उसकी इस मेहनत से मुझे दो चीजें सीखने को मिली....


एक तो #कड़ी मेहनत के बाद मिलने वाली सफलता का स्वाद बेहद मीठा होता है और यह सफलता मिलकर ही रहती है बैशक हम हार कर बीच राह में बैठ न जाएं....

दूसरी सीख और भी महत्वपूर्ण है....

यह है
#गलतियां करने से कभी मत डरो क्योंकि सिर्फ यही एक तरीका है जिससे‌ हम जान सकतें है कि कोई काम किस तरह से नहीं किया जा सकता और आखिर में सही तरीका‌ मिल ही जाता है जो मंजिल की और ले जाएगा।

पालीवाला आने वाला है। अभी तो उतरना है। मिलते हैं एक नए सफर में......जय हिन्द।

सफर जारी है....श्री्

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