सफर जारी है 34
सफर जारी है ..34 राजस्थान रोडवेज की बस। सूरतगढ़ श्रीगंगानगर मार्ग पर लोक परिवहन की हर दस मिनट बाद बस है और किराये में अंतर होने के कारण रोडवेज में भीड़ भी कम होती है। मैं, असलम जी और भाग सिंह जी एक ही सीट पर बैठे हैं। सीट पर बैठते ही हम अपनी बातों में मशगूल हो जातें हैं। आज भी कुछ ऐसा ही हुआ। कन्डेक्टर टिकट काटते हुए हमारी सीट के पास आ गया। असलम जी को देखते ही बोल पड़ा,"ओहो गुरुदेव क्या हाल है।" असलम जी भी कन्डेक्टर को देखते ही बोले, "अरे.. मेरे अज़ीज़। बहुत बढ़िया। आप सुनाओ। काफी दिनों बाद दिखाई दिए।" सामने से जवाब आया कि अभी काफी दिनों से छुट्टी पर था। अभी कल ही वापस आया हूं। इस मार्ग पर भी काफी समय बाद ड्यूटी लगी है। सामान्य शिष्टाचार बातचीत के बाद असलम जी ने पढ़ाई के बारे में पुछा कि तैयारी कर रहे हो या छोड़ दी। दरअसल उन्होंने एम. ए. बी. एड. कर रखी है। इस प्रश्न का जवाब बहुत ही शानदार दिया- मैं हिम्मत नहीं हारने वाला। मेरी तैयारी बदस्तूर जारी है और तब तक जारी रहेगी जब तक मैं अपनी मंजिल न पा लूं। सफलता कब तक भागेगी। उसे मेरा वरण करना ही होगा। ...