तुम सभ्य हो??
तुम सभ्य हो?? तुम सभ्य हो?? कुचलकर असहायों के अरमानों को छोड़ उन्हें बीच राह अपने स्वार्थों की मंजिल की ओर बढ़ जाते आगे कदम दर कदम चेहरे पर शिकन तक नहीं? तुम सभ्य हो?? दबाकर हक़ लोगों का भरते हो अपने खजाने उन्हें तड़फते देख ठठाकर हँसते हो मन में तनिक भी ग्लानि नहीं? तुम सभ्य हो?? मार कर बेटियों को कोख में अपना वंश आगे बढ़ाने का दंभ भरते उनसे छुटकारा पा बड़ा हल्का महसूस करते हो दिल में उठता नहीं, थोड़ा भी दर्द? तुम सभ्य हो?? खिलाकर पटाखे गर्भिणी हथनी को मार डालते गर्भस्थ शिशु सहित हरिणों की हत्या कर देते हो केवल अपने मन को बहलाने उनके दुःख से तुम्हारे दिल में दया की एक हिलोर तक नहीं उठती? तुम सभ्य हो?? छीनकर आशियाना गरीबों, आदिवासियों का जो बनाया है उन्होंने कितनी मुश्किलें झेल केवल अपने लाभ के लिए उन्हें सड़क पर लाकर छोड़ देते हो उनका दर्द जरा भी रूलाता नहीं तुम्हें? तुम सभ्य हो?? बेड और इलाज के अभाव में एक प्रसूता मर जाती है अस्पताल के फर्श पर एक बुढ़ा अस्पताल दर अस्पताल भटकता इलाज के अभाव जान गंवा देता है और तुम विश्वस्तरीय चिकित्...