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Showing posts from May 21, 2020
सफर जारी है 15 बस में चढ़ते ही मैं सीट की तलाश में हूं। एक सीट जो खिड़की के पास हो ताकि सफर के साथ ठंडी-ठंडी हवा का आंनद ले सकूं। एक सीट नजर आई जिस पर एक नौजवान बैठा है। मैं उसे खिसका कर खिड़की की तरफ बैठ गया। यह आज का युवा है। एंड्रॉयड फोन के साथ खेल रहा है। मौसम सुहावना है। बारिश होने के कारण खिड़की से ताजा ठंडी हवा आ रही है। मैंने बात शुरू करते हुए कहा, "क्या करते हो।" " जी इसी वर्ष 12 वीं पास की है।" "क्या विषय था।" " गणित था।" "कितने प्रतिशत बने ।" " पचपन प्रतिशत । " " नंबर तो कम ही बने हैं। क्या बात है विषय में रूचि नहीं है क्या ? " मैंने डरते डरते कहा। सोचा कम नंबर का कहने पर नाराज़ न हो जाए। आजकल के नौजवानों से डर से लगता है। पता नहीं कौनसी बात पर नाराज़ हो जाए। मेरी आंशका के विपरित प्रतिक्रिया सकारात्मक है। वो युवा बोला,"मेरी इच्छा कला लेने की थी। पर पापा बोले तुझे इंजीनियरिंग करनी है। मुझे चित्र बनाना पसंद है। मैं चित्रकला विषय में आगे बढ़ना चाहता हूं। मैंने ये बात पापा को बताई तो उन...
#सफर_जारी_है 14 बातों बातों में कब 330 गोपालसर आ गया, पता ही नहीं चला। महावीर अर्जनसर की तरफ चल पड़ा। मैं बस के इंतजार में खड़ा हूं। 330 आर डी एक चौराहा है। जिससे एक तरफ सूरतगढ़, एक तरफ छतरगढ़, एक तरफ श्रीविजयनगर और एक तरफ अर्जनसर है। सुबह का समय है। ज्यादा चहल पहल नहीं है। डेली अप डाउन करने वाले जिसमें कुछ कॉलेज स्टूडेंट कुछ दुकानों पर काम करने जाते हैं तथा कुछ ऐसे जिन्हें बाजार जाना है, बस के इंतजार में हैं। दुकानें अभी खुलना शुरू हुई है। कुछ साल पहले यहां एक दो दुकानें होती थी। अब धीरे धीरे एक छोटे बाजार के रूप में बढ़ रहा है 330 आर डी। एक नल लगा है। जिस पर कुछ लड़के खड़े हैं जो बारी बारी से पानी पी रहे हैं। नल के चारों तरफ पानी इकट्ठा है और उसमें कचरा गिरने के कारण किचड़ हो रहा है। पास की दुकान पर फावड़ा पड़ा है। यदि थोड़ी सी मेहनत से पानी निकालने की जगह बनाई जाए तो वहां सफाई हो जाए। परंतु इतनी जहमत कोई नहीं उठा रहा। इन लड़कों में कुछ अपने कालेज में स्वच्छता पर बड़े बड़े भाषण दे चुके हैं। एक बुजुर्ग मटके के साथ नल की तरफ आ रहा है। बुजुर्ग ने मैली कुचैली बनियान और लुंगी जो घुटनो...