सफर जारी है 31
#सफर_जारी_है_31
राम-राम साथिड़ो। मौसम रो मिजाज बदल रेयो है। स्कूलां रो टैम भी सरकार बदळ दियो। सुवारै नौ बज्यां ताईं नौकरी करणआळै लोगों रै साथै साथै बिजा लोग भी, जिणा नै कठै ही जावणो हुवै, घर स्यूं चाल पड़ै। इण'रै कारण जकी बस स्यूं म्हूं स्कूल कानी बहीर हुवूं उण मांय भीड़-भड़ाको हो ज्यावै। आज भी ओही'ज हाल है। म्हूं, असलम भाई अर भाग सिंह जी बस अड्डे स्यूं ही बस मांय बैठ ज्यावां। फैर भी रिलायंस पैंट्रोल पंप ताईं आंवते आंवते ही कोई सवारी इसी आज्यावै जकी नै सीट देणी पड़ ज्यावै।
जिंया ही बस पीजी कॉलेज अड्डे माथै रुकी। अेक जनानी सवारी बस मांय चढ़ी। उण'रै साथै दो टाबर भी है। बा मांय स्यूं अेक नै म्हूं आपरै गोडा माथै बिठाय लियो। जनानी सवारी नै दैख'र असलम भाई आपरी सीट स्यूं उभो होय उणा नै बिठा दिया। बस आपरी पूरी स्पीड स्यूं दौड़'री है। म्हूं अर असलम आपरी बंतळ लाग रिया हां।
बीच बीच मांय ध्यान म्हारै कनै बैठी जनानी अर उणरै टाबर री बंतळ कानी भी जाय रियो हो। टाबर बोल्यो कै मां कई लोग किता कोझा हुवै। मां रो ऊथळौ बड़ो जोरदार हो। बा बोली कै बेटा,
#मिनख_रो_कै_कोझो_हुवै_उणरा_काम_कोझा_हुवै_उणरा_विचार_कोझा_होवै।
आपां नै मिनख स्यूं घिरणा नहीं करणी चाहिजै। आपणो फरज ओ बणै कै उण री सोच बदळा। जै सोच बदळसी तो मिनख अपणे आप बदळजी। आपां नै आच्छो इंसान बणनो है तो आपरी सोच आच्छी राखणी पड़सी। तूं भी आपरी सोच आच्छी राखी, भलो नी।
टाबरां री बातां रो कै निवेड़ो। टाबरीये हां भर'नै दूजो सवाल कर दियो कै संयुक्त परिवार कै हुवै। मां उणनै संयुक्त परिवार रो अरथ बतलावण लाग'गी।
म्हारो आ बात लिखण रो कारण ओ है कै आपां कैवतां रैवा कै मां टाबर री पैली पोसाल परिवार अर मां पैली गुरु होवे। मां बेटा री इण बंतळ स्यूं ईं री साच माथै मोहर लागती दिसै। मां बाप रो फरज बणै कै बै आप री औलाद नै नैतिकता री सीख बचपण स्यूं ही देवण री खैचळ करै। आपणा टाबर घणकरी बातां आपां नै देख-सुण'र सिखे। आपां नै सावचैती स्यूं टाबरा नै साचै मारग माथै लगावण रो काम करणो चाहिजै।
मां बैटा री बातां हाल ताईं चाल'री है। म्हारो टैसण आवण आळो है। अबार म्हूं चालूं। मिलालां नूंवै सफर मांय.....
सफर जारी है.........
राम-राम साथिड़ो। मौसम रो मिजाज बदल रेयो है। स्कूलां रो टैम भी सरकार बदळ दियो। सुवारै नौ बज्यां ताईं नौकरी करणआळै लोगों रै साथै साथै बिजा लोग भी, जिणा नै कठै ही जावणो हुवै, घर स्यूं चाल पड़ै। इण'रै कारण जकी बस स्यूं म्हूं स्कूल कानी बहीर हुवूं उण मांय भीड़-भड़ाको हो ज्यावै। आज भी ओही'ज हाल है। म्हूं, असलम भाई अर भाग सिंह जी बस अड्डे स्यूं ही बस मांय बैठ ज्यावां। फैर भी रिलायंस पैंट्रोल पंप ताईं आंवते आंवते ही कोई सवारी इसी आज्यावै जकी नै सीट देणी पड़ ज्यावै।
जिंया ही बस पीजी कॉलेज अड्डे माथै रुकी। अेक जनानी सवारी बस मांय चढ़ी। उण'रै साथै दो टाबर भी है। बा मांय स्यूं अेक नै म्हूं आपरै गोडा माथै बिठाय लियो। जनानी सवारी नै दैख'र असलम भाई आपरी सीट स्यूं उभो होय उणा नै बिठा दिया। बस आपरी पूरी स्पीड स्यूं दौड़'री है। म्हूं अर असलम आपरी बंतळ लाग रिया हां।
बीच बीच मांय ध्यान म्हारै कनै बैठी जनानी अर उणरै टाबर री बंतळ कानी भी जाय रियो हो। टाबर बोल्यो कै मां कई लोग किता कोझा हुवै। मां रो ऊथळौ बड़ो जोरदार हो। बा बोली कै बेटा,
#मिनख_रो_कै_कोझो_हुवै_उणरा_काम_कोझा_हुवै_उणरा_विचार_कोझा_होवै।
आपां नै मिनख स्यूं घिरणा नहीं करणी चाहिजै। आपणो फरज ओ बणै कै उण री सोच बदळा। जै सोच बदळसी तो मिनख अपणे आप बदळजी। आपां नै आच्छो इंसान बणनो है तो आपरी सोच आच्छी राखणी पड़सी। तूं भी आपरी सोच आच्छी राखी, भलो नी।
टाबरां री बातां रो कै निवेड़ो। टाबरीये हां भर'नै दूजो सवाल कर दियो कै संयुक्त परिवार कै हुवै। मां उणनै संयुक्त परिवार रो अरथ बतलावण लाग'गी।
म्हारो आ बात लिखण रो कारण ओ है कै आपां कैवतां रैवा कै मां टाबर री पैली पोसाल परिवार अर मां पैली गुरु होवे। मां बेटा री इण बंतळ स्यूं ईं री साच माथै मोहर लागती दिसै। मां बाप रो फरज बणै कै बै आप री औलाद नै नैतिकता री सीख बचपण स्यूं ही देवण री खैचळ करै। आपणा टाबर घणकरी बातां आपां नै देख-सुण'र सिखे। आपां नै सावचैती स्यूं टाबरा नै साचै मारग माथै लगावण रो काम करणो चाहिजै।
मां बैटा री बातां हाल ताईं चाल'री है। म्हारो टैसण आवण आळो है। अबार म्हूं चालूं। मिलालां नूंवै सफर मांय.....
सफर जारी है.........
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