सफलता राह देख रही है
सफलता राह देख रही है जीवन चलने का नाम है। कभी सफलता तो कभी असफलता का सामना हर मनुष्य को करना पड़ता है। लेकिन सफलताओं के मद में डूबकर या फिर असफलता के ग़म मे बह कर रुक जाना किसी भी दृष्टि में उचित नहीं ठहराया जा सकता। जीवन की सफलता पीछे की कमजोरियों से सीख लेकर आगे की रणनीति बनाने और उसे अपने जीवन में उतारने में है। खुद का जीवन सफल हो और हम समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनें इसके लिए जीवन में सकारात्मक होना अतिआवश्यक है। नकारात्मक विचार व्यक्ति को पीछे धकेलते है। सभी मनुष्य अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए न केवल प्रयास करते हैं बल्कि जीतोड़ मेहनत भी करते हैं। लेकिन किसी कार्य की सफलता में मेहनत, संसाधन, हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ-साथ उस कार्य में लगन भी अपना महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है। इसको एक उदाहरण से समझिए। क्या आपने ध्यान दिया है कि सूर्य की किरणें अवतल शीशे से किसी एक वस्तु पर आपतित होती है तो वह वस्तु जल जाती है। क्योंकि सूर्य की शक्ति एक ही बिंदु पर केंद्रित हो जाती है और विखंडित न होने के कारण ऊर्जा एक जगह ही काम आने लगती है। फलस्वरूप वही ऊर्जा से जो अब तक बिखरी पड़ी थी, उसी...